Trajectory ने 300 मिलियन अमेरिकी डॉलर के वैल्यूएशन पर Series A में 45 मिलियन डॉलर जुटाए, TechCrunch ने 2 नवंबर को बताया। Sequoia ने राउंड का नेतृत्व किया, जिसमें Nvidia, Bessemer Venture Partners और Bain Capital Ventures शामिल थीं। कंपनी रोजमर्रा के AI ऐप उपयोग से मिले फीडबैक को समय के साथ मॉडल की दोबारा ट्रेनिंग से जोड़ना चाहती है।
संस्थापक Ronak Malde, Michael Elabd और Arjun Karanam Stanford में सहपाठी थे। उनका प्रस्ताव ऐसे विषय विशेषज्ञों के लिए भी है जो अच्छे काम को पहचानते हैं, पर मशीन लर्निंग इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं चलाते। Trajectory कहती है कि वह इस विशेषज्ञता को लगातार सुधार की प्रक्रिया का हिस्सा बनाना चाहती है।
कंपनी इसे continual learning, यानी निरंतर सीखना कहती है। शुरुआती ट्रेनिंग के बाद मॉडल स्थिर रखने के बजाय खास कार्य पर फीडबैक इकट्ठा कर आगे के ट्रेनिंग चक्र में लगाया जाता है। यह कार्यप्रणाली है, हर नई प्रतिक्रिया के तुरंत बाद मॉडल बेहतर होने की गारंटी नहीं।
फीडबैक ट्रेनिंग सामग्री कैसे बनता है
कंपनी के विवरण में व्यवसाय सिस्टम को मॉडल इस्तेमाल करने वाले ऐप से जोड़ता है। प्लेटफॉर्म परिणामों पर फीडबैक लेता है और उसके आधार पर दोबारा प्रशिक्षण करता है। उद्देश्य संग्रह से ट्रेनिंग तक हर चक्र को इंजीनियर द्वारा हाथ से चलाने की जरूरत घटाना है।
एक काल्पनिक सपोर्ट टिकट वर्गीकरण सिस्टम लें। विशेषज्ञ देखता है कि टिकट गलत टीम को गया और श्रेणी सुधारता है। सुधार भविष्य की सीख के लिए संकेत हो सकता है। लेकिन वास्तविक सुधार के लिए तय करना होगा कि सही संशोधन क्या है, कौन से उदाहरण प्रतिनिधि हैं और अपडेट की मदद कैसे जांची जाएगी।
काम से निकला फीडबैक इसलिए उपयोगी हो सकता है कि सामान्य उदाहरण संस्था की भाषा, नियम और अपवाद नहीं पकड़ते। वास्तविक उपयोग भी त्रुटिरहित नहीं है: कर्मचारी गलत सुधार कर सकता है और उपयोगकर्ता परस्पर विरोधी परिणाम चाह सकते हैं। स्वचालित संग्रह इन मतभेदों का समाधान नहीं करता।
यहीं विषय विशेषज्ञ की भूमिका आती है। योगदान के लिए हर तकनीकी पैरामीटर चुनना जरूरी नहीं, लेकिन सफलता परिभाषित करनी होगी। सही वर्गीकरण, नीति पालन और लेखन गुणवत्ता अलग लक्ष्य हैं। प्रशिक्षण लक्ष्य अस्पष्ट हो तो मॉडल एक में सुधरकर दूसरे में कमजोर हो सकता है।
सीखना केवल पुरानी बातचीत याद रखना नहीं
पिछली बातचीत की जानकारी रखना ऐप को संदर्भ में जवाब देने में मदद कर सकता है, बिना मॉडल बदले। दोबारा ट्रेनिंग अलग है: यह कार्य करने का तरीका बदलती है। इसलिए लंबी मेमोरी या अधिक दस्तावेज अपने आप मॉडल के वेट्स अपडेट होने का प्रमाण नहीं।
इससे परीक्षण बदलता है। संदर्भ में दस्तावेज जोड़ने पर उससे प्रभावित उत्तर जांचे जाते हैं। मॉडल बदलने पर दूसरे अनुरोध भी देखने होंगे। प्रशिक्षण उदाहरण सुधारने वाला अपडेट नए मामलों को प्रभावित कर सकता है, उन कामों को भी जो सिस्टम पहले ठीक करता था।
Trajectory ऑटोमेशन को पोस्ट-ट्रेनिंग आसान बनाने का तरीका बताती है। TechCrunch के अनुसार प्लेटफॉर्म सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हो रहा है। इसका मतलब ओपन सोर्स या बिना अनुकूलन हर मॉडल जोड़ सकना नहीं है। पहुंच की शर्तें, समर्थित कॉन्फिगरेशन और परिचालन जिम्मेदारी घोषणा से अलग विषय हैं।
निरंतर का मतलब हर क्लिक के बाद वास्तविक समय में बदलाव भी जरूरी नहीं। इसका अर्थ नए अनुभव से बार-बार सुधार है। आवृत्ति और अपडेट से परीक्षण तथा तैनाती तक का रास्ता क्रियान्वयन पर निर्भर है। ग्राहक को जानना चाहिए कि व्यवहार कब बदल सकता है और अनुमति कौन देगा।
क्या आसान होगा और कौन सा काम बाकी रहेगा
कंपनी प्रशिक्षण के कुछ तकनीकी संचालन को कम करना चाहती है। गलत उत्तर पहचानने वाले विशेषज्ञ को हर फीडबैक के लिए नया इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट नहीं चाहिए होना चाहिए। अच्छी तरह काम करने वाला यह चक्र उपयोगकर्ताओं को सिस्टम के लक्ष्य तय करने के करीब ला सकता है।
आसान प्रक्रिया में भी तय करना होगा कि कौन सा फीडबैक बाहर रखा जाए। संवेदनशील जानकारी, गैर-प्रतिनिधि उदाहरण और बिना जांच के सुधार मूल्य बदल सकते हैं। ये अपनाने वाले के प्रश्न हैं, Trajectory के खास तरीके या इन विषयों की अनदेखी के दावे नहीं।
तुलना का आधार भी चाहिए। ऊंचे स्कोर के साथ परीक्षण, संदर्भ संस्करण और परिस्थितियां स्पष्ट हों। ऐसे उदाहरण जांचना उपयोगी है जो ट्रेनिंग में नहीं थे, ताकि केवल परिचित सामग्री दोहराना न मापा जाए। उदाहरणों के अनुरूप ढलना और नए मामले संभालना अलग उपलब्धियां हैं।
इसी कारण पिछले संस्करण पर लौटना महत्वपूर्ण है। सुधार हमेशा एक दिशा में नहीं चलता और समस्या अधिक उपयोग के बाद सामने आ सकती है। ऐप संचालक को अपडेट रोकना, संस्करण तुलना करना और किसी समय कार्रवाई करने वाला संस्करण पहचानना आना चाहिए।
फंडिंग क्या बताती है और उत्पाद को क्या साबित करना है
45 मिलियन डॉलर का राउंड और 300 मिलियन डॉलर का वैल्यूएशन वित्तीय आकार बताते हैं, प्रदर्शन परीक्षण नहीं। प्रसिद्ध निवेशकों की भागीदारी से हर संस्था को समान सुधार या ट्रेनिंग और संचालन में निश्चित बचत सिद्ध नहीं होती।
दिलचस्प कारोबारी प्रश्न है कि विशेषज्ञ ज्ञान को गुणवत्ता नियंत्रण खोए बिना दोहराने योग्य प्रक्रिया कैसे बनाया जाए। विशेषज्ञ मैनुअल से बाहर अपवाद पहचान सकता है, लेकिन उस निर्णय को मापने योग्य संकेत बनाना होगा। इंटरफेस जटिलता छिपाए तब भी विशेषज्ञता और इंजीनियरिंग यहीं मिलती हैं।
Trajectory यही संबंध बनाना चाहती है। ग्राहक के लिए कसौटी continual learning शब्द नहीं, बल्कि तय काम में समय के साथ उपयोगी बदलाव और गिरावट पहचानने की क्षमता है। फंडिंग प्रस्ताव विकसित करने के संसाधन देती है; वास्तविक काम के परिणाम उसकी उपयोगिता साबित करेंगे।