इज़राइली स्टार्टअप 42AI ने 2 नवंबर को सार्वजनिक रूप से सामने आते हुए 62.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की फंडिंग और एक महत्वाकांक्षी प्रस्ताव बताया: ऐसा AI मॉडल जो लोगों के लिखने के साथ उनके अगले कदम का भी अनुमान लगाने का प्रयास करता है। TechCrunch के अनुसार, शुरुआती इस्तेमाल वित्तीय ब्रोकरेज में है, जहां कंपनी बाजार की अस्थिरता पर अलग-अलग ट्रेडरों की प्रतिक्रिया का अनुमान लगाना चाहती है।
इस फंडिंग का ढांचा सामान्य सीड राउंड से अलग है। CEO Amit Gal-Or ने TechCrunch को बताया कि पैसा संस्थापकों और Infinity Group से तीन वर्षों में आया। यह सार्वजनिक घोषणा के दिन बाहरी निवेशकों से मिला एक ही चेक नहीं था। रकम को समझने में यह अंतर जरूरी है।
तकनीकी दावे को भी सटीक ढंग से पढ़ना चाहिए। कंपनी खास परिस्थितियों में व्यवहार के संभाव्य अनुमान की बात करती है, हर व्यक्ति का हर निर्णय निश्चित रूप से जानने की नहीं। उसका व्यावसायिक चुनौतीपूर्ण काम संभावित प्रतिक्रिया के अनुमान को वास्तविक निर्णय में उपयोगी सूचना बनाना है।
बिहेवियरल वर्ल्ड मॉडल का मतलब क्या है
भाषा मॉडल अनुमान लगाता है कि किसी क्रम में आगे कौन से शब्द या टेक्स्ट टोकन उपयुक्त होंगे। 42AI बदलते माहौल में व्यक्ति की कार्रवाई का अनुमान लगाना चाहती है। सवाल केवल यह नहीं कि ट्रेडर क्या कहेगा, बल्कि यह है कि वह जोखिम बढ़ाएगा, घटाएगा या इंतजार करेगा।
कंपनी अपने Transformer आधारित सिस्टम को बिहेवियरल वर्ल्ड मॉडल कहती है। उसके विवरण के अनुसार, एक अलग भाषा मॉडल व्यवहार संबंधी अनुमान समझा सकता है। इसलिए मौखिक व्याख्या और अनुमान अलग घटक हैं। प्रभावशाली समझाने का अर्थ यह नहीं कि अगली कार्रवाई का अनुमान सही था।
लोग उन बातों पर भी प्रतिक्रिया देते हैं जो सिस्टम कभी नहीं देखता। आर्थिक जरूरत, निजी घटना या नई जानकारी निर्णय बदल सकती है। पहले की दो समान कार्रवाइयों के कारण अलग हो सकते हैं। इसलिए उचित अनुमान में अनिश्चितता की जगह होनी चाहिए, किसी एक रास्ते को अपरिहार्य नहीं बताना चाहिए।
इसे एक उत्तर और कई संभावनाओं के बीच अंतर की तरह समझा जा सकता है। कई परिस्थितियों का अनुमान योजना बनाने में मदद कर सकता है, भले अंतिम परिणाम ठीक-ठीक न बताया जाए। लेकिन दायरा उपयोगी होना चाहिए। बहुत चौड़े दायरे में सही परिणाम आ सकता है, फिर भी समय पर निर्णय लेने वाले को खास मदद नहीं मिलती।
शुरुआत ब्रोकरेज से क्यों
ब्रोकरेज में ग्राहकों की प्रतिक्रिया नकदी की जरूरत, मार्जिन आवश्यकताओं और हेजिंग वाले जोखिम को प्रभावित कर सकती है। 42AI कहती है कि ट्रेडरों का व्यवहार अनुमानित करना इनकी व्यवस्था में मदद करता है। यह ग्राहकों के बारे में पूर्वानुमान का परिचालन उपयोग है, उनकी अगली ट्रेड के लिए लाभदायक सलाह देने का वादा नहीं।
एक काल्पनिक उदाहरण लें: बाजार में तेज बदलाव पर कुछ ग्राहक पोजिशन घटाते हैं और दूसरे बढ़ाते हैं। ब्रोकरेज को दोनों स्थितियों के लिए अलग तैयारी चाहिए हो सकती है। मॉडल संभावित प्रतिक्रियाओं का अनुमान देगा; उन पर क्या करना है, यह अलग निर्णय होगा। यह उदाहरण कंपनी द्वारा सिद्ध कारोबारी परिणाम नहीं है।
इससे समस्या का दायरा भी सीमित होता है। हर जगह मानव व्यवहार समझने के बजाय सिस्टम ऐसी गतिविधि में काम करता है जिसकी घटनाएं, कार्रवाइयां और परिणाम परिभाषित किए जा सकते हैं। यहां सफलता साबित होने पर भी गेमिंग, सुरक्षा या मानव-रोबोट संवाद में सफलता अपने आप सिद्ध नहीं होगी। हर क्षेत्र में सफलता का अर्थ बदलता है।
क्षमताओं और उपयोगों का विवरण कंपनी से आता है। इससे उपयोग का महत्व खत्म नहीं होता, लेकिन उत्पाद इस्तेमाल होना और किसी सरल विकल्प से लगातार बेहतर परिणाम दिखाना अलग बातें हैं। तैनाती बताती है कि उत्पाद चल सकता है; मूल्यांकन बताता है कि वह कितना अच्छा काम करता है।
पैसा धीरे-धीरे आया और रिश्ते उसका ढांचा समझाते हैं
Amit Gal-Or CEO और सह-संस्थापक हैं। Ehud Ezra CTO और सह-संस्थापक हैं। Infinity के संस्थापक तथा Amit के पिता Amir Gal-Or अध्यक्ष और सह-संस्थापक हैं। ये रिश्ते रिपोर्ट में बताए वित्तपोषण ढांचे को समझाते हैं और फंडिंग की कहानी का हिस्सा हैं।
TechCrunch इसे सीड फंडिंग कहता है, साथ में बताता है कि पैसा तीन साल के काम के दौरान जुटा। दोनों बातें साथ सही हो सकती हैं, बशर्ते पाठक यह न समझे कि किसी नए बाहरी फंड ने पूरी राशि अभी लगाई है। रकम यह बताती है कि गतिविधि को कितनी पूंजी मिली, लेकिन अकेले यह नहीं कि कब और किससे मिली।
यह राशि मॉडल की सटीकता का पैमाना भी नहीं है। फंडिंग विकास, भर्ती और इंफ्रास्ट्रक्चर में मदद कर सकती है, अनुमान की जांच का विकल्प नहीं बन सकती। मानव कार्रवाई का अनुमान लगाने वाली तकनीक में संसाधन और प्रमाण अलग रखना जरूरी है, क्योंकि उसका दावा एक निश्चित कार्य से बड़ा है।
सटीकता का प्रतिशत मानने से पहले क्या जानें
रिपोर्ट में कंपनी से मिला 98% का आंकड़ा है। यह अनुमानित दायरे के भीतर आने वाले ट्रेडिंग फ्लो से जुड़ा है, 98% व्यक्तिगत ट्रेड सही बताने से नहीं। ये अलग माप हैं। दायरे की चौड़ाई, अनुमान की समय सीमा और तुलना का आधार जाने बिना संख्या उसकी उपयोगिता नहीं बताती।
परीक्षण की परिस्थितियां भी मायने रखती हैं। शांत बाजार में प्रदर्शन असाधारण झटके के दौरान प्रदर्शन साबित नहीं करता, और ट्रेडरों का एक समूह सभी ग्राहकों का प्रतिनिधि नहीं हो सकता। उपयोगी मूल्यांकन को बताना चाहिए कि परिणाम किन लोगों और परिस्थितियों पर लागू है और अनुमान कब मददगार नहीं रहा।
निजता के मामले में भी यही सावधानी चाहिए। कंपनी का यह कहना कि वह पहचान बताने वाली जानकारी नहीं लेती, व्यक्तिगत व्यवहार की प्रोफाइलिंग से जुड़े हर प्रश्न का उत्तर नहीं है। व्यवसाय को डेटा, उद्देश्य, पूर्वानुमान देखने वालों और उससे लिए जाने वाले निर्णयों को समझना होगा। ये उपयोग संबंधी प्रश्न हैं, नुकसान होने का आरोप नहीं।
42AI गेमिंग, धोखाधड़ी रोकने और साइबर सुरक्षा की संभावनाएं भी तलाश रही है। आगे वह रोबोट और AI एजेंट को मानव व्यवहार समझने में मदद करना चाहती है। फिलहाल ये घोषित दिशाएं हैं। नजदीकी परीक्षा ब्रोकरेज में है: क्या स्पष्ट अनुमान ऐसे माहौल में परिचालन निर्णय सुधारते हैं जहां गलतियां भी मापी जा सकें?